रतलाम 03 अक्टूबर 2019/ कायाकल्प अभियान के अंतर्गत रतलाम जिला चिकित्सालय प्रदेश के टॉप टेन जिला चिकित्सालयों में शामिल है। यह जानकारी प्रदेश के मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती द्वारा की वीसी में दी गई। इस दौरान प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में बताया कि वर्ष 2018-19 के तहत कायाकल्प में प्रदेश में सतना जिला 95 प्रतिशत अंक लेकर टॉप पर है। इसके बाद जबलपुर, भिंड, होशंगाबाद क्रमश: दूसरे, तीसरे, चौथे स्थान पर हैं। रतलाम जिला चिकित्सालय 83.3 प्रतिशत अंक लेकर इस सूची में पांचवें स्थान पर है।
वीसी में यह भी बताया गया कि आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता के मामले में भी रतलाम जिला चिकित्सालय प्रदेश के टॉप 10 जिला चिकित्सालय में सम्मिलित है। रतलाम में 246 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं। इस सूची में भोपाल जिला चिकित्सालय टॉप पर है जहां 303 प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं। वीसी के दौरान कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, जिला पंचायत श्री संदीप केरकेट्टा, अपर कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभाकर ननावरे उपस्थित थे। वीसी में यह भी बताया गया कि रतलाम जिला चिकित्सालय नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टेंडर्ड सर्टिफिकेट हेतु वर्ष 2019-20 के लिए चयनित किया गया है। जिला चिकित्सालय की मेटरनिटी ने 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लेकर लक्ष्य सर्टिफिकेशन प्राप्त किया है।
मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती ने कहा कि प्रदेश में शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं, शालाओं तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत दुकानों का संचालन सुव्यवस्थित और निर्धारित समयानुसार हो। तीनों संस्थाएँ जन-सामान्य के जीवन से संबंधित हैं। इसलिये इनके जनोन्मुखी और व्यवस्थित संचालन पर जिला कलेक्टर्स लगातार नजर रखें। श्री मोहंती मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संभागायुक्तों, जिला कलेक्टर्स तथा जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्य सचिव ने मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थो के विरूद्ध की गई कार्यवाही के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
मुख्य सचिव श्री मोहंती ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य संस्थाओं के खुलने के समय, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता तथा दवा वितरण और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्वास्थ्य संस्थाओं को बेहतर बनाने में स्थानीय व्यापारिक घरानों तथा औद्योगिक इकाईयों से सलाह तथा आवश्यक सहयोग को प्रोत्साहित किया जाए। रोगी कल्याण समितियों को सक्रिय किया जाए। उन्होंने कहा कि, ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान के अन्तर्गत मिलावटी तथा अमानक खाद्य पदार्थो के विरूद्ध कार्यवाही लगातार जारी रहे। मिलावट करने वालों को यह स्पष्ट संदेश जाना चाहिए कि प्रशासन निरंतर जागरूक और सक्रिय है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत पात्र परिवारों के सत्यापन के लिए चलाये जाने वाले अभियान के लिए जारी तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि वितरण प्रणाली के अन्तर्गत जुड़े अपात्र व्यक्तियों के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए। जिला कलेक्टर्स से अति-वृष्टि तथा बाढ़ के बाद जारी राहत कार्यो तथा सर्वेक्षण संबंधी जानकारी भी ली गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में मौसमी बीमारियों की रोकथाम की तैयारी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सत्यापन के लिए जारी गतिविधियों, प्याज भण्डारण पर कंट्रोल आर्डर के तहत की गई कार्यवाही तथा समर्थन मूल्य पर फसल खरीदी के लिये पंजीयन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रमुख सचिव खाद्य-नागरिक आपूर्ति श्रीमती नीलम शमी राव उपस्थित थे।