नई दिल्ली, 26अक्टूबर2019/ राम की नगरी अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वहां पहुंचे और जनता को दीपोत्सव की शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री योगी के संबोधन के बाद दीयों को जलान का काम शुरू हुआ.

यहां 5.5 लाख से ज्यादा दीयों को जलाया गया है. इसके साथ ही यह वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया गया है. दीयों की गिनती पूरी होने के बाद आसमान में जमकर आतिशबाजी की गई.

इससे पहले सीएम योगी ने कहा कि राम की परंपरा पर सबको अनुभूति होती है. सीएम योगी ने कहा, ‘मोदी सरकार में बिना किसी भेदभाव के सबका विकास हो रहा है. पिछली सरकारें अयोध्या के नाम से डरती थीं. पीएम मोदी ने राम राज्य की धारणा को साकार किया है. मोदी ने भारत की परंपरा को विश्व पटल पर रखा. भारत दुनिया में विश्वगुरू के रूप में स्थापित हो रहा है.’

थ्री-डी तकनीक से रामकथा का मंचन
दिवाली पर अयोध्या भगवान राम के रंग रंगी हुई है. यहां थ्री-डी तकनीक से रामकथा का मंचन हुआ. इसके अलावा सरयू तट पर नदी का किनारा 5.5 लाख दीयों से जगमग हुआ.

राम नगरी को राम के रंग में पिरोने के लिए हजारों स्कूली बच्चों की भी खास भूमिका रही. बच्चों ने भगवान राम के जीवन पर आधारित चित्रकारी से अयोध्या को अलौकिक बना दिया.
पिछले दो साल से अयोध्या में ऐतिहासिक दिवाली मनाने वाली योगी सरकार ने इस बार रिकॉर्ड बनाया. शनिवार शाम अयोध्या में एक साथ 5.5 लाख दीये जलाकर योगी सरकार अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर नया इतिहास रचा.

पिछले साल जलाए गए थे 3 लाख दिए
पिछली बार की तरह इस बार भी सरयू के घाट पर भव्य आरती होगी, जिसमें योगी आदित्यनाथ भी हिस्सा लेंगे. राम की पैड़ी पर साल दर साल दीप जलाने की क्षमता को योगी सरकार बढ़ाती आ रही है. इस बार 5.5 लाख दीये सजाए गए. पिछले साल 3 लाख दीये जलाए गए थे.

6000 छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में शामिल
दीपोत्सव कार्यक्रम में अवध विश्वविद्यालय पूरी निष्ठा से कार्यक्रम का भागीदार बना. 6000 छात्र-छात्राएं और शिक्षक इस उत्सव को सार्थक बनाने में जुटे. अवध विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं और शिक्षकों ने राम की पैड़ी से जुड़े 12 घाटों पर दीपक सजाने का काम किया.
इस बार के आयोजन में पिछली बार से दोगुने लोग, तकरीबन 6 हजार वालंटियर लगाए गए थे, जिनके द्वारा निर्धारित 12 घाटों पर 4 लाख 25 हजार दीपक सजाए गए.
इन घाटों पर इतने दीपक…
लक्ष्मण घाट : 48,000
वैदेही घाट : 22,000
श्रीराम घाट : 30,000
दशरथ घाट : 39,000
भरत घाट : 17,000
शत्रुघ्न घाट : 17,000
उमा-नागेश्वर-मांडवी घाट : 52,000
सुतकीर्ति घाट : 40,000
कैकेई घाट : 40,000
सुमित्रा घाट : 40,000
कौशल्या घाट : 40,000
उर्मिला घाट : 40,000
राम की पैड़ी पर 551000 दिए जलाकर विश्व रिकार्ड बना. इसके लिए लंबा वक्त चाहिए था. यही वजह है कि सैकड़ों छात्र-छात्राएं दीपकों को व्यवस्थित तौर पर घाट पर उपस्थित रहे. बाकायदा एक चौकोना बनाया गया, जिसमें 100 दीये रखे गए थे और घाट के दोनों तरफ दीये लगाए गए थे.
(साभार-आज तक)
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