रतलाम 4 दिसंबर 2019/ मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए नगरीय निकायों को सशक्त बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय संस्थाओं के चुने हुए जन-प्रतिनिधि तेजी से हो रहे परिवर्तन को पहचान और नई सोच और नई दृष्टि से दूरदर्शिता के साथ अपने शहरों का विस्तार करें। श्री नाथ मंत्रालय में नगर-पालिका और नगर-परिषद के अध्यक्षों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि यह समय है जब हम अपने छोटे-बड़े शहरों का भविष्य की जरूरतों के मुताबिक नियोजन करें। परिवर्तन के इस दौर में नागरिकों की अपेक्षाएँ और उम्मीद भी बढ़ी हैं। आवश्यकता इस बात की है कि हम अपनी कार्य-शैली और संस्कृति में परिवर्तन लाएं और लोगों की आशाओं के अनुरूप शहरों का नियोजित विकास करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगरीय-निकायों को सरकारी मदद के साथ ही अपनी आय के नए स्त्रोत भी विकसित करना होंगे। इसके लिए वे नई गतिविधियों की शुरुआत करें।
मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि पिछले एक साल में नई सरकार ने अपने काम से नियत और नीति का परिचय दिया है। वित्तीय संकट था। किसानों की आत्म-हत्या, बेरोजगारी और महिलाओं के साथ अत्याचार में प्रदेश देश में नंबर-1 था। इन चुनौतियों के बीच सरकार ने बड़े फैसले लिए। ऋण माफी के वचन को पूरा करते हुए 21 लाख किसानों के कर्ज माफ किए गए। कर्ज माफी की प्रक्रिया में कई ऐसी तकनीकी दिक्कतें आई जिनके कारण हमारे सामने कई संकट खड़े हुए। इन सबका निदान हमने किया। इसी माह से हम कर्ज माफी का दूसरा चरण शुरू करने जा रहे हैं। बेरोजगारी की चुनौती से निपटने के उदे्दश्य से निवेश के लिए विश्वास की वापसी की है। श्री नाथ ने कहा कि हमारे यह काम जनता तक पहुँचाने में नगरीय निकायों के पदाधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
नगरीय विकास और आवास मंत्री श्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि यह सौभाग्य है कि प्रदेश के नगरों के सुनियोजित विकास के लिए हमारे पास अनुभव और मार्गदर्शन के रूप में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ हैं। श्री नाथ ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री रहते हुए पूरे देश के शहरों के विकास को एक नई दिशा और कई योजनाएँ दी। श्री सिंह ने कहा कि वे सरकार की नगरीय विकास नीतियों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्री सिंह ने कहा कि बड़े शहरों के साथ ही छोटे शहरों के विकास के लिए सरकार नई दिशा दृष्टि से काम कर रही है। पीने का पानी लोगों का अधिकार है इसके लिए सरकार ‘राइट टू वाटर‘ की नीति बनाने जा रही है। शहरों की पहचान जिन गतिविधियों से है, उनका भी संरक्षण किया जा रहा है।
नए शहरीकरण के लिए नगरीय निकायों का सशक्त होना जरूरी, जन-प्रतिनिधि परिवर्तन के इस दौर में नई दृष्टि और दूरदर्शिता के साथ काम करें, मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ का नगर पालिका एवं नगर परिषद के अध्यक्षों को संबोधन
Related Posts
Add A Comment
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.