रतलाम(खबरबाबा.काम)। राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष चेतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में राज्य योजना आयोग पुरी तरह निती आयोग की तर्ज पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में भी आयोग का नाम निती आयोग करने को सैध्दातिंक मंजूरी मिल गई है। प्रदेश में योजनाओ को जमीन पर उतारने के लिए काम की जवाबदेही भी तय हो रही है। हर क्षैत्र की आवश्यकता के अनुसार प्रस्ताव मंगाए जा रहे है और उस अनुसार बजट आंबटित किया जा रहा है।
राज्य योजना आयोग उपाध्यक्ष चेतन्य काश्यप मंगलवार को जिला कार्य योजना वर्ष 2018-19 अन्तर्गत रतलाम, मन्दसौर एवं नीमच जिलों की बैठक लेने के पश्चात जिला पंचायत सभाग्रह में मिडिया से चर्चा कर रहे थे। उनके साथ राज्य योजना आयोग के प्रमुख सलाहकार राजेन्द्र मिश्रा भी थे। पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री काश्यप ने कहा कि अब तक बजट की 25 से 30 फीसदी राशि तक आयोग के जरिए विकास कार्यों,नवाचार आदि के लिए प्रदेशभर में स्वीकृत होती आई हैं इस बार आंकड़ा बढ़ाते हुए 40 फीसदी तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने मप्र राज्य योजना आयोग का नाम जल्द ही मप्र राज्य नीति आयोग किए जाने की जानकारी भी दी।
जवाबदेही हो रही निश्चित
पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री काश्यप ने कहा कि विभिन्न योजनाओं में जवाबदेही निश्चित करने के लिए आउटपुट एवं आउटकम का विश्लेषण किया जा रहा है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि योजनाएं कितनी कारगर हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आयोग द्वारा किसी पुलिया को स्वीकृत किया जाना और उसका बनना ‘आउटपुटÓ है और इस पुलिया से गांव के आवागमन में सुविधा, शहर तक पहुंचने में आसानी और व्यावसयिक दृष्टि से सुविधा मिलना ‘आउटकमÓ कहा जाएगा। श्री काश्यप ने कहा कि अब प्रदेश की जीडीपी के हिसाब से योजनाएं बनाई जाकर उसे जमीन पर उतारा जा रहा है।
विशेषज्ञ जाएगें गावों में
श्री काश्यप ने कहा कि गांव के विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है। गांव की जरुरतों को चिन्हीत करना होगी, तभी श्रेष्ठ विकास संभव है। गांव की जरुरतों को बाहर लाने और क्षैत्रिय स्तर पर आवश्कताओं को हिसाब से योजना बनाने के लिए आयोग प्रयास कर रहा है। इसके लिए जन अभियान परिषद को जोड़ा गया है, वहीं टाटा फाउन्डेशन से अनुबंध हुआ है वे प्रदेशभर के 5 हजार गांवों में सर्वे कर अपने स्तर पर विकास कार्य का खाका तैयार कर रहे हैं। आयोग के सामने सबसे बढ़ी चुुनौती प्रत्येक ग्रामीण तक आधुनिक तकनीकी का लाभ पहुंचाना है।
रतलाम में आदर्श आंगनवाडिय़ा बनेगी
श्री काश्यप ने कहा कि बैठक में उन्होने हर कलेक्टर को जिले में एक नवाचार कार्य हाथ में लकर उसे पूरा करने का आग्रह किया। इस पर रतलाम कलेक्टर ने रतलाम में आदर्श आगंनवाडिय़ां बनाने का प्रकल्प हाथ में लिया है। इसके लिए प्रेजेन्टेशन भी दिया गया।
योजना आयोग उपाध्यक्ष ने यह भी कहा
-हर खर्च पर निगाह रखकर नई आवश्कताओं को आगे बढाया जा रहा है।
-गांव की जरुरतों को चिन्हीत कर योजना बनाई जा रही है।
-बड़े प्रोजेक्टों की विशेष रुप से मानटिरिंग की जा रही है। रतलाम मेडिकल कालेज के लिए भी कसंलटेंट नियुक्त किया गया है।
-प्रधानमंत्री आवास के साथ बुनियादी सुविधाएं देना भी लक्ष्य।
-सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को ध्याम में रखकर योजना बनाई जा रही है।
-प्रशासन की जवाबदेही तय की जा रही है।
-आजादी के बाद से ही गांव के विकास की बातें की जा रही है, लेकिन ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई।
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