रतलाम,31जनवरी(खबरबाबा.काम)। जावरा में बैंक खाते से धोखाधड़ी पूर्वक 8 लाख रुपए से अधिक की राशी निकालने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने नागदा निवासी एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने योजनाबध्द तरीके से वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने पकड़े जाने से बचने के लिए एक युवक को नौकरी का झांसा देकर फरियादी के खाते से दुसरे खाते में रुपए जमा कराने के लिए एक खाता भी खुलवाया और पोस्टमेन से भी असली खाताधारक बनकर फरियादी की चेकबुक और एटीएम प्राप्त कर लिया था। मामले के खुलासे के बाद रतलाम पुलिस ने आमजनो से अपने बैंक खाते की जानकारी, पासवर्ड या अन्य जानकारी किसी भी व्यक्ति से साझा न करने की अपील भी की है।
शुक्रवार को जावरा पुलिस ने पत्रकार वार्ता कर मामले का खुलासा किया। पुुलिस के अनुसार 20 जनवरी 2020 को जावरा निवासी फरियादी मुकेश पिता उमेदराम 40 साल ने जावरा शहर थाने जाकर मामले की शिकायत की थी। फरियादी मुकेश के अनुसार ग्राम आक्याबेनी में उसकी कृषि भूमी है, जहां से 8-लेन रोड निकला है। जिसकी मुआवजे की राशी 12 लाख 99 हजार 967 रुपए उसके बैंक खाते में जमा हुई थी। 3 दिसम्बर 2019 को फरियादी ने बैंक खाते से एक लाख रुपए की राशी निकाली थी और शेष राशी निकालने के लिए फरियादी ने चेकबुक और एटीएम कार्ड जारी करने का आवेदन बैंक में दिया था। बैंक द्वारा एटीएमकार्ड और चेकबुक डाक द्वारा घर आने की बात कही गई थी। फरियादी के अनुसार 7 दिसम्बर को उसके मोबाइल पर खाते से 8 लाख 8 हजार रुपए निकलने का मैसेज आया। अगले दिन रविवार होने से फरियादी 9 दिसम्बर को बैंक पहुंचा और बैंक मैनेजर से बात की, जिसके बाद खाते को सिल कर दिया गया। 16 दिसम्बर को फरियादी के खाते में 6 लाख 8 हजार रुपए की राशी वापस आ गई, लेकिन दो लाख रुपए की राशी वापस नहीं आई। बैंक स्टेटमेंट लेने पर पता चला कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने फरियादी की डाक से आने वाली चेक बुक को प्राप्त कर उसके फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से रुपए निकाल लिए। इसके बाद फरियादी ने इसकी शिकायत पुलिस को की।
ऐसे हुआ खुलासा
एसपी गौरव तिवारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक टीम बनाई। जावरा शहर थाना प्रभारी प्रमोद साहू के नेतृत्व पुलिस टीम ने बैंक के वीडियों फुटेज चेक किए और बैंक स्टेटमेंट की जानकारी लेकर अपनी जांच शुरु की। फरियादी के खाते से जिस खाते में रुपए जमा हुए थे, पुलिस ने उसकी जांच की तो वह खाता इंदौर निवासी एक व्यक्ति का निकला। उस व्यक्ति ने जब पुलिस ने पुछताछ की तो पता चला कि एक व्यक्ति ने उसे नौकरी का लालच देकर उसके दस्तावेज लिए और उसके नाम से बैंक खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड और पासबुक लेकर चला गया। पुलिस ने आरोपी को चेकबुक और एटीएम कार्ड देने वाले पोस्टेमेन से भी पुछताछ की तो पता चला कि आरोपी ने पोस्टमेन से फरियादी मुकेश बनकर फोन पर बात की और उससे चेकबुक और एटीएम कार्ड प्राप्त कर लिए, इसके बाद चेकबुक पर फरियादी के फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से राशी निकाल ली। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस ने फरियादी के बैंक में राशी निकालने वाले दिन के सीसीटीवी फुटेज भी देखे, और आरोपी को चिन्हीत किया। पुलिस को आरोपी के बड़ावदा में होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने अपना नाम सुरेन्द्रसिंह पिता प्रहलादसिंह निवासी नागदा बताया है। वह ईंटो का व्यापार करता है और जावरा आता-जाता रहता है। पुलिस आरोपी की रिमांड लेकर उससे निकाले गए शेष रुपयों की जब्ती का प्रयास कर रही है।
सबसे महत्वपूर्ण-आरोपी ने कैसे की वारदात
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आरोपी ने फरियादी के खाते और उसके बारे में सारी जानकारी कैसे हासील की। जावरा शहर थाना प्रभारी प्रमोद साहू के अनुसार जिस दिन फरियादी पहली बार रुपए निकालने के लिए बैंक गया था, उस दिन बैंक में भीड़ ज्यादा होने पर वह इंतजार में बैठ गया था, वहीं आरोपी उससे मिला और बातचीत शुरु कर दी। बातचीत करते हुए आरोपी ने फरियादी से जानकारपी लेना शुरु की तो फरियादी ने मुआवजे की राशी लेने के लिए बैंक आने का कारण, राशी की जानकारी और चेक बुक नहीं होने पर किए गए आवेदन के बारे में भी बता दिया। इसके बाद आरोपी ने फरियादी के गांव और उसके पोस्टमेन की जानकारी भी उससे बातचीत में ले ली। बाद में आरोपी ने पुरी प्लानिंग की और पोस्टमेन का नम्बर निकालकर उससे फरियादी मुकेश बनकर बात की और चेकबुक हासील कर ली। ऐसे में अब आम लोगों को जागरुक रहने की जरुरत है और चाहिए कि अपनी बैंक और खाते सबंधी कोई भी जानकारी किसी व्यक्ति से साझा नहीं करें।
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