रतलाम 4 फरवरी 2020(खबरबाबा.काम)/ जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। जनसुनवाई में संयुक्त कलेक्टर एम.एल. आर्य, डिप्टी कलेक्टर सुश्री शिराली जैन ने 70 आवेदनों की सुनवाई करते हुए निराकरण के निर्देश संबंधित विभागों को जारी किए।
जनसुनवाई में डोंगरे नगर निवासी अनुज पाठक ने आवेदन में बताया कि 5 जून 2018 को नगर निगम द्वारा पर्यावरण दिवस पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई थी जिसमें प्रार्थी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ था। प्रतियोगिता में घोषित पुरस्कार राशि रुपए दो हजार आज दिनांक तक प्रार्थी को प्राप्त नहीं हुए हैं। आवेदन निराकरण हेतु नगर निगम आयुक्त को प्रेषित किया गया। आलोट निवासी अनिल पोरवाल ने जनसुनवाई में आवेदन देते हुए बताया कि प्रार्थी द्वारा सहारा इंडिया आलोट शाखा में सहारा क्रेडिट को-आपरेटिव योजना में पांच वर्ष के लिए निवेश किया था, जिसकी जमा राशि का भुगतान 31 जनवरी 2018 को होना था समयावधि पूर्ण होने के बाद भी मुझे भुगतान नहीं किया गया है तथा मेरे साथ धोखाधडी की जा रही है। प्रकरण निराकरण हेतु सम्बंधित विभाग को प्रेषित किया गया है।
रामेश्वर मंदिर जावरा रोड निवासी महेन्द्र जिनवाल ने आवेदन देते हुए बताया कि प्रार्थी शासकीय भूमि पर झुग्गी निर्मित कर निवास करता है और उसे पट्टा प्रदान नहीं किया गया है। अतः उसे पट्टा प्रदान किया जाए जिससे प्रार्थी मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ प्राप्त कर सके। प्रकरण निराकरण हेतु नगर निगम को भेजा गया है। अलकापुरी निवासी राजेश चौपडा ने अपने आवेदन में कहा कि प्रार्थी वार्ड क्रमांक 7 अलकापुरी में भवन क्रमांक ई-7 में निवास करता है तथा भवन के समीप ही भूखण्ड क्रमांक ई-5 तथा ई-6 है, जिस पर गन्दगी की वजह से क्षेत्र के निवासियों का जीना दूभर हो गया है, इस समस्या से मुक्ति दिलाई जाए। प्रकरण निराकरण हेतु नगर निगम आयुक्त को प्रेषित किया गया है।
ग्राम मांगरोल निवासी मुन्नालाल पाटीदार ने जनसुनवाई में आवेदन देते हुए बताया कि ग्राम मांगरोल में शासकीय सर्वे नं. 385/1 की भूमि है जो म.प्र. शासन के नाम पर इन्द्राज है। उक्त भूमि पर ग्राम के ही व्यक्ति द्वारा झोपडी बनाकर कब्जा कर लिया गया है तथा उक्त भूमि पर व्यक्ति द्वारा गेंदे की फसल बोकर लाभ लिया जा रहा है। प्रकरण निराकरण हेतु तहसीलदार रतलाम को प्रेषित किया गया। थावरिया बाजार निवासी कन्हैयालाल लोढा ने बताया कि शासन द्वारा अधिगृहित श्री बैकुंठनाथ मंदिर काफी पुराना होकर जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है तथा इस मंदिर की देखरेख करने हेतु कोई पुजारी भी नहीं है। मंदिर के लिए 15-20 वर्ष पूर्व समिति बनाई गई थी जिसमें से 4-5 सदस्य ही रह गए हैं और वह भी कुछ नहीं कर पाते हैं। प्रकरण निराकरण हेतु एसडीओ रतलाम को प्रेषित किया गया है।
Related Posts
Add A Comment
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.