रतलाम 18 फरवरी 2020/ जिला स्तरीय जनसुनवाई मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। जनसुनवाई में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, सीईओ श्री संदीप केरकेट्टा तथा संयुक्त कलेक्टर श्री एम.एल. आर्य ने 90 आवेदनों की सुनवाई करते हुए निराकरण के निर्देश संबंधित विभागों को जारी किए।
जनसुनवाई में गांधीनगर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक प्रकाशचन्द्र टटावत ने बताया कि प्रार्थी शासकीय प्राथमिक विद्यालय भेडली संकुल केन्द्र बा.उ.मा.वि. शिवगढ में पदस्थ था और अस्वस्थता के चलते मेरे द्वारा स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली गई थी। सेवानिवृत्ति हुए 6 माह बीत गए हैं परन्तु विभाग द्वारा मेरे स्वत्वों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मेरी पत्नी पैरालिसिस बीमारी से ग्रस्त है और उसका बडौदा में उपचार चल रहा है जिससे उनकी पारिवारिक स्थिति दयनीय हो चुकी है। अतः स्वत्वों का भुगतान करवाया जाए। प्रकरण निराकरण हेतु आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को भेजा गया है। बोहरे की चाल जावरा रोड निवासी राशिबाई ने आवेदन में बताया कि एक व्यक्ति द्वारा बैंक से ऋण दिलवाने के नाम पर उससे 6 हजार रुपए ले लिए गए। 6 माह बीत जाने के बाद भी उक्त व्यक्ति द्वारा न तो ऋण दिलवाया गया और न ही 6 हजार रुपए वापस किए गए। प्रकरण के निराकरण हेतु एसडीएम शहर को निर्देशित किया गया है।
रावटी तहसील के गांव रुपापाडा में रहने वाले नाहरु ने आवेदन में कहा कि गत वर्ष 26 अप्रैल 19 को उसके पुत्र की घर की छत के ऊपर से जा रहे विद्युत तार से करंट लगने से मौत हो गई थी। मुझ प्रार्थी द्वारा सहायता राशि हेतु ग्राम के ही पटवारी को दस्तावेज जमा करवा दिए गए थे परन्तु मुझे सहायता राशि प्राप्त नहीं हो सकी। प्रकरण निराकरण हेतु विद्युत कम्पनी को भेजा गया है।
कांगसी निवासी मांगीलाल भाभर ने आवेदन देते हुए बताया कि प्रार्थी द्वारा शिवगढ की एक फर्म से अपने खेत में मक्का की खडी फसल में चारा नष्ट करने की दवाई ली गई थी। उक्त दवाई का उपयोग करने के कारण प्रार्थी के खेत में खडी मक्का की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई, जिससे प्रार्थी को आर्थिक नुकसान हो गया। प्रार्थी द्वारा फर्म मालिक से बात की गई तो मालिक द्वारा डराया, धमकाया जा रहा है। प्रकरण निराकरण हेतु कृषि उपसंचालक को निर्देशित किया गया है। पिपलौदा तहसील के ग्राम ऊपरवाडा निवासी श्रीमती अनुसूईया बैरागी ने बताया कि वर्ष 2019 में उनके पति श्री घनश्यामदास बैरागी की रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। परिवार में आय का अन्य साधन नहीं होने से उनकी स्थिति काफी दयनीय हो गई है, अतः प्रार्थिया को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। प्रकरण निराकरण के लिए सीईओ जनपद पंचायत को भेजा गया है।
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