नई दिल्ली, 13मार्च2020/दुनियाभर में कोरोना वायरस खतरनाक रूप ले चुका है. इस वजह से ग्लोबली शेयर बाजारों में भी गिरावट का दौर जारी है.सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी 10 फीसदी से अधिक लुढ़क गया और इस वजह से 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी. मतलब ये कि इस दौरान शेयर बाजार में कारोबार नहीं हुआ.
– हालांकि, रोक की अवधि खत्म होने के बाद सुबह 10.20 बजे एक बार फिर शेयर बाजार में ट्रेडिंग शुरू हुई. इसके बाद से सेंसेक्स और निफ्टी में जबरदस्त उतार-चढ़ाव दिखा.दोपहर 1 बजे के बाद सेंसेक्स 1300 अंक तक मजबूत हो गया तो वहीं निफ्टी में भी करीब 400 अंकों की तेजी रही.
– दोपहर 12.40 बजे के बाद सेंसेक्स 1000 अंक मजबूत हो गया तो वहीं निफ्टी ने 200 अंक से अधिक की बढ़त देखी. इस दौरान सेंसेक्स 33 हजार 400 अंक के पार कर गया. अगर निफ्टी की बात करें तो ये 9 हजार 800 अंक के स्तर पर पहुंच गया.
– इससे पहले दोपहर 12.10 बजे सेंसेक्स करीब 360 अंक की बढ़त के साथ 33 हजार 130 अंक पर कारोबार करता दिखा. इसी तरह, निफ्टी 100 अंक की तेजी के साथ 9700 अंक को पार कर गया. बता दें कि शेयर बाजार के इतिहास में ये सबसे बड़ी रिकवरी है.
– वहीं सुबह 10.05 बजे दोबारा प्री-ओपन में करीब 3300 अंक की फिसलन के बाद सेंसेक्स निचले स्तर से रिकवर होता दिखा. मतलब ये कि सेंसेक्स में सुधार हुआ. इसी तरह निफ्टी भी निचले स्तर से रिकवर होता दिखा. सुबह 10.30 बजे सेंसेक्स 1300 अंक लुढ़क कर 31 हजार 400 अंक के नीचे था. वहीं निफ्टी की बात करें तो 500 अंक की गिरावट के साथ 9 हजार 230 अंक पर था.
इस बीच, शेयर बाजार की गिरावट पर सरकार की ओर से पहली बार बयान आया है. मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने कहा कि कोरोनो वायरस के अलावा वैश्विक कारकों के कारण बाजार में प्रतिक्रिया हो रही है.
45 मिनट के लिए रोकी गई ट्रेडिंग
सुबह 9.15 बजे शेयर बाजार खुलने के कुछ देर बाद 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोक दी गई थी. बीते 12 साल में पहली बार है जब शेयर बाजार में ट्रेडिंग रोकी गई है. इससे पहले मई 2008 में भी शेयर बाजार कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया था. तब ग्लोबली आर्थिक मंदी का दौर था और भारत में भी इसके संकेत मिल रहे थे.
स्टॉक एक्सचेंज के नियमों के मुताबिक 1 बजे से पहले शेयर बाजार में फिर से 15 फीसदी तक की गिरावट आई तो 1.45 घंटे तक ट्रेडिंग रोक दी जाएगी. स्टॉक एक्सेंज की भाषा में अब 15 फीसदी का लोअर सर्किट होगा. यहां आपको बता दें कि शेयर बाजार में 10 फीसदी या उससे अधिक की गिरावट आती है, तो उसमें लोअर सर्किट लग जाता है और ट्रेडिंग कुछ देर के लिए रोक दी जाती है.
क्यों रोकी जाती है ट्रेडिंग?
दरअसल, दलाल स्ट्रीट में निवेशकों के निवेश को सुरक्षित रखने के लिए ट्रेडिंग पर रोक लगा दी जाती है. इससे निवेशकों के नुकसान का संकट ज्यादा गहरा होने से बच जाता है. बता दें कि जब ट्रेडिंग रोकी गई थी तब सेंसेक्स 3090.62 अंक लुढ़क कर 29,687.52 अंक पर था. वहीं निफ्टी की बात करें तो यह 966.10 की गिरावट के साथ 8,624.05 अंक पर था. इस बीच, रुपया भी ऑल टाइम लो पर पहुंच गया है. डॉलर के मुकाबले यह 74.50 रुपया पर कारोबार करता दिखा.
(साभार-आज तक)
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