भोपाल,18मार्च2020/ मध्यप्रदेश में जारी सियासी उठापटक के बीच मंगलवार सुबह कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बंगलूरू के रामदा होटल के पास बागी विधायकों से मिलने को लेकर धरने पर बैठ गए। जहां से पुलिस ने उन्हें हटाया और थाने लेकर चली गई। उन्हें बंगलूरू पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया हुआ है। जहां वे भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनके साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा और कांतिलाल भूरिया मौजूद हैं। वहीं आज उच्चतम न्यायालय भाजपा की बहुमत परीक्षण कराने वाली याचिका पर सुनवाई करेगी। माना जा रहा है कि अदालत कोई अहम फैसला दे सकती है।
विधायकों से मिलने नहीं दे रही है पुलिस
दिग्विजय सिंह ने कहा कि पुलिस हमें अपने विधायकों से मिलने नहीं दे रही है। मैं मध्यप्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार हूं, 26 मार्च को मतदान होना है। मेरे विधायकों को यहां रखा गया है। वे मुझसे बात करना चाहते हैं, उनके फोन छीन लिए गए हैं। पुलिस मुझे यह बोलने नहीं दे रही है कि विधायकों के लिए सुरक्षा का खतरा है।
बागी विधायकों ने की थी प्रेस कांफ्रेंस
बता दें कि इससे पहले मंगलवार को बंगलूरू में मौजूद बागी कांग्रेसी विधायकों ने मीडिया से बातचीत की। जिसमें उन्होंने कहा कि वह कमलनाथ सरकार की कार्यशैली से खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता हैं। हम भोपाल लौटने के लिए तैयार हैं लेकिन हमें केंद्रीय सुरक्षा दी जाए।
वहीं भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम इसपर अभी विचार कर रहे हैं। उन्होंने अपने ऊपर भाजपा द्वारा बंधक बनाए जाने पर कहा कि वह अपनी मर्जी से आए हैं। बागी विधायकों ने कहा, ‘हमें मजबूरी में साथ छोड़ना पड़ा। हम बंधक नहीं हैं, अपनी इच्छा से यहां आए हैं।
उन्होंने ने कहा कि सिंधिया पर हमला हो सकता है तो हम सुरक्षित कैसे हैं। हम सभी को केंद्रीय सुरक्षा मिलनी चाहिए। हम सभी ने मिलकर मध्यप्रदेश में सरकार बनाई थी। मुख्यमंत्री के पास हमारी बात सुनने का समय नहीं है। हम भाजपा में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। एमपी में मंत्रियों, विधायकों से शक्तिशाली अधिकारी हैं। हम लोगों को न्याय नहीं मिला है। राज्य को सबसे बड़ा माफिया चला रहे हैं।’
(साभार-अमर उजाला)
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