नई दिल्ली, 6 मई2020/केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में भारी इजाफा किया है. पेट्रोल पर प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की और डीजल पर 13 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. ये बदलाव आज आधी रात से लागू हो गए हैं, लेकिन आम जनता पर इस बदलाव का कोई असर नहीं होगा, क्योंकि कीमतों में बढ़ोतरी की भरपाई तेल कंपनियां खुद करेंगी और पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत पहले जैसी ही रहेगी.
हालांकि इस बढ़ोतरी से केंद्र के राजस्व में भारी इजाफा होगा और दुनिया में कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी का फायदा भारतीय जनता को नहीं मिल पाएगा.
10 रुपये पेट्रोल और 13 रुपये का इजाफा
बता दें कि इस बदलाव में 8 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है. इसके अलावा 2 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल पर और 5 रुपये प्रति लीटर डीजल पर स्पेशल एडिशनल ड्यूटी भी लगाई गई है. इस तरह से कुल मिलाकर पेट्रोल की कीमत में 10 रुपये और डीजल की कीमत में 13 रुपये का इजाफा हुआ है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का फायदा नहीं
पूरी दुनिया में लॉकडाउन की वजह से कच्चे तेल की खपत में भारी गिरावट हुई है, लेकिन तेल के उत्पादन में कोई खास कमी नहीं आई है, इसलिए दुनिया के तेल मार्केट में मंदी है और तेल की कीमतें नीचे गिर गई हैं. भारतीय तेल कंपनियां कम कीमतों पर तेल खरीदकर इसका फायदा उठा रही हैं.
सस्ता कच्चा तेल का फायदा जनता को नहीं
यूं तो इसका फायदा भारत की जनता को सस्ते तेल के रूप में मिल सकता था, लेकिन केंद्र सरकार ने घटते अंतराष्ट्रीय भाव का फायदा खुद अपने खजाने में रखा है. इसके लिए उसे एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का सहारा लिया है. अब तेल कंपनियों को सस्ता कच्चा तेल का फायदा नहीं मिलेगा क्योंकि उन्हें पेट्रोल पर 10 रुपये और डीजल पर रुपये प्रति लीटर की दर से एक्साइज ड्यूटी सरकार को चुकानी पड़ेगी.
एक्साइज ड्यूटी या उत्पाद शुल्क एक तरह का अप्रत्यक्ष करहै. इसे किसी प्रोडक्ट के उत्पादन या मैन्युफैक्चरिंग पर भारत सरकार लगाती है. ये सरकार के राजस्व का अहम जरिया है.
(साभार-आज तक)
Related Posts
Add A Comment
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
© 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.