नई दिल्ली, 11मई2020/कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाने के लिए सरकार लगातार लोगों से कह रहीं है कि वे मास्क लगाएं और नियमित तौर पर हाथों को साफ रखें। लेकिन इसके बाद भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, नोट और कागज से कोरोना फैलने का खतरा बना हुआ है।
वहीं, अब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने मोबाइल फोन, लैपटॉप और नोट को सैनेटाइज (संक्रमणमुक्त) करने के लिए संपर्करहित ‘अल्ट्रावायलेट सैनेटाइजर’ बनाया है। इसका पूरा नाम ‘डिफेंस रिसर्च अल्ट्रावायलेट सैनेटाइजर (डीआरयूवीएस)’ है। रक्षा मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है।
डीआरयूवीएस प्रणाली कैबिनेट में रखी चीजों पर 360 डिग्री से पराबैंगनी किरणें डालता है। एक बार सैनेटाइज हो जाने पर यह प्रणाली स्वयं बंद हो जाती है, इसलिए इसे संचालित करने वाले को उपकरण के पास इंतजार करने या खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती।
रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया कि इसे डीआरडीओ के रिसर्च सेंटर इमारत (आरसीआई) द्वारा विकसित किया गया है और यह संपर्क में आए बिना ही कार्य करता है जो कि इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इससे मोबाइल फोन, आईपैड, लैपटॉप, करेंसी नोट, चेक, चालान, पासबुक, पेपर, लिफाफा आदि सैनेटाइज किया जा सकता है।
मंत्रालय ने बताया कि इन्होंने इसके अलावा एक स्वचालित यूवीसी करेंसी सैनेटाइजिंग उपकरण ‘नोट्सक्लीन’ भी बनाया है।
बता दें कि, देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 4213 नए मामले सामने आए हैं और 97 लोगों की मौत हुई है।
इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 67,152 हो गई है, जिनमें 44,029 सक्रिय हैं, 20,917 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 2206 लोगों की मौत हो चुकी है।
(साभार-अमर उजाला)
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