
रतलाम,14जुलाई(खबरबाबा .काम)। मां नर्मदा नदी के तट पर जितने भी शिवलिंग है वह साक्षात रुद्र स्वरूप ही हैं। भारत के वैदिक परंपरा में माता ,पिता, गुरु, आचार्य और अतिथि का सदैव सत्कार होना चाहिए। मध्यान्ह काल में आए हुए अतिथि का जिस घर में सत्कार नहीं होता वह अतिथि उस घर का सारा पूण्य लेकर अपना संपूर्ण पाप देकर चला जाता है।
यह बात श्री कालिका माता मंदिर परिसर में श्री कालिका माता सेवा मंडल ट्रस्ट श्री शिव आराधना महोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्री शिव आराधना महोत्सव में तपो मूर्ति व वीतराम शिरोमणि परम पूज्य स्वामी निर्मल चेतन्य पुरी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहीं।
उन्होंने कहा कि इस जगत में जो भी देखा जाता है मन से स्मरण किया जाता है वह सब शिव स्वरूप ही हैं ।शिव के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है। पाताल, स्वर्ग और पृथ्वी में सभी जगह शिव ही शिव है। सारा संसार शिव में है, शिव ही सत्य है ,शिव ही सुंदर है ,शिव ही सनातन है। ऐसा चिंतन करके भगवान शंकर के शिवलिंग और शिव मूर्ति की पूजा प्रत्येक मनुष्य को श्रद्धा के साथ करना चाहिए।
इस अवसर पर पोथी पूजन मुख्य जजमान अजय सिंह चौहान, पुष्पा व्यास, माया बक्षी ने किया । नगर विधायक चैतन्य काश्यप ने स्वामी जी का बहूमान किया । इस दौरान आरती विधायक चेतन्य काश्यप, समिति अध्यक्ष मोहनलाल भट्ट, ट्रस्ट अध्यक्ष राजाराम मोतियानी, ट्रस्टी राजेंद्र शर्मा, हरीश कुमार बिंदल, समाजसेवी मनोहर पोरवाल, गोविंद काकानी ,रामचंद्र शर्मा, मोतीलाल सेठिया आदि ने की। संचालन विकास शैवाल ने किया आरती कर प्रसाद वितरित की गई। उक्त जानकारी राकेश पोरवाल ने दी l