नई दिल्ली, 10जनवरी(खबरबाबा.काम)।वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) काउंसिल की 32वीं बैठक समाप्त हो चुकी है. बैठक में छोटे कारोबारियों को राहत देने पर सहमति बनी है. व्यापारियों के लिए कंपोजिशन स्कीम की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ कर दी गई है. आसान भाषा में समझें तो अब डेढ़ करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले निर्माता को इस स्कीम का फायदा मिलेगा. जीएसटी कंपोजिशन स्कीम का लाभ लेने वाली कंपनियों को सिर्फ एक एनुअल रिटर्न दाखिल करना होगा, जबकि टैक्स भुगतान हर तिमाही में एक बार कर सकेंगे.यह नया नियम इस साल 1 अप्रैल से लागू होगा.
जीएसटी काउंसिल ने इसके अलावा जीएसटी के दायरे को बढ़ा दिया है. अभी 20 लाख रुपये तक टर्नओवर करने वाले कारोबारी जीएसटी के दायरे में आते थे लेकिन अब 40 लाख टर्नओवर वाले जीएसटी के दायरे में आएंगे. पूर्वोत्तर समेत छोटे राज्यों में जो लिमिट 10 लाख थी वो लिमिट 20 लाख रुपये कर दी गई है. इस तरह कई छोटे कारोबारी जीएसटी के दायरे से बाहर हो जाएंगे. अब इन छोटे कारोबारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन का झंझट नहीं रहेगा.
काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि केरल को दो साल के लिए राज्य के भीतर बिक्री पर 1 फीसदी का उपकर लगाने की अनुमति दी गई है. इसके अलावा जीएसटी काउंसिल में रियल इस्टेट और लॉटरी पर जीएसटी को लेकर मतभेद सामने आने के बाद इसपर विचार करने के लिए मंत्रियों का समूह बनाया गया है.यानि अंडर कंस्ट्रक्शन मकानों को लेकर जिस छूट की उम्मीद की जा रही थी वो अभी नहीं मिलेगी. दरअसल, ऐसे संकेत मिल रहे थे कि जीएसटी काउंसिल बैठक में अंडर कंस्ट्रक्शन इमारतों को 12 फीसदी के स्लैब से हटाकर 5 फीसदी के दायरे में किया जा सकता है. लेकिन अभी इस मामले में कोई राहत नहीं मिली है.
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