रतलाम,4अप्रैल(खबरबाबा.काम)। प्रधानमंत्री आवास योजना में चयनित 13 हितग्राहियो के नाम बदलकर राशि का गबन करने के मामले में नगर निगम के दो इंजीनियरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर गुरुवार को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों को 11 अप्रैल तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए । मामले में तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके है।
लोक अभियोजक सुभाष जैन ने बताया कि गुरुवार को पुलिस ने नगर निगम के इंजीनियर सुहास पंडित और महेंद्र कुमार जैन 58 को गिरफ्तार कर सीजेएम न्यायालय में पेश किया, जहां से इन्हें 11 अप्रैल तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
जाने क्या है पूरा मामला
पीएम आवास योजना में ईश्वर नगर, बिरियाखेड़ी और बंजरग नगर के 1483 हितग्राहियों का मौके पर पात्रता के मान से सेडमेप कंपनी से सर्वे कराया गया। सत्यापन उपरांत 619, 540 और 320 हितग्राहियों की अलग-अलग तीन सूचियां बनाई गई।
पीएम आवास की अनुमोदित सूची में आरोपियों ने बजरंग नगर के 13 नामों में फेरबदल कर पात्र लोगों के स्थान पर 13 अपात्र लोगों को धोखाधड़ी और षडय़ंत्र पूर्वक जोड़ दिए गए थे। इन 13 अपात्र लोगों के खाते में शासन के कुल 13 लाख रुपए याने प्रत्येक के खाते में एक लाख रुपए भी जमा हो गए। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर के निर्देश पर निगम आयुक्त ने मामले की जांच कराई थी। जांच में सामने आया कि एक सूची जिसमें 320 हितग्राहियों के नाम थे, उसमें सरल क्रमांक 102 से 135 वाले दो पन्नों पर बजरंग नगर के 13 नामों में फेरबदल किया गया था। इस सबंध में निगम ने जांच प्रतिवेदन और अन्य दस्तावेज स्टेशन रोड पुलिस को सौंपे ।
मामले में स्टेशन रोड पुलिस ने नगर निगम के जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्यपालन यंत्री सुरेशचंद्र व्यास की शिकायत पर पीएम आवास योजना के सर्वे एवं अन्य कार्य में लगी कंपनी के कर्मचारी दीपक कुमावत के खिलाफ धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने जांच में दोषी पाते हुए गुरुवार को दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया। लोक अभियोजक सुभाष जैन ने बताया कि इस मामले में पूर्व में दीपक सहित तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
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