रतलाम,1जून(खबरबाबा.काम)। देश के लिए अपने जीवन को कुर्बान करने वाले रतलाम के शहीद श्री चम्पालाल के परिवार के साथ एक व्यक्ति धोखाधडी कर मोटरसायकल, मोबाइल और नगद 18 हजार रुपये ले उड़ा। पुलिस ने शहीद को पत्नी की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है।
7 जनवरी 2013 को झारखण्ड में नक्सली हमले में शहीद हुए ग्राम घटला निवासी श्री चम्पालालजी मालवीय की धर्मपत्नी दुर्गा देवी अब रतलाम में अलकापुरी के पास बनी कालोनी में रहती है। जानकारी के अनुसार दुर्गादेवी के घर कल शुक्रवार को एक व्यक्ति आया। उसने अपने आप को सीआरपीएफ दिल्ली आफिस से आना बताया। इस व्यक्ति को सीआरपीएफ का ही समझ कर दुर्गादेवी ने अपने घर मे रुकने दिया।
इस दौरान उस व्यक्ति ने दुर्गादेवी से अच्छे से बात की। उसके इस व्यवहार को देखकर ही दुर्गादेवी ने उस व्यक्ति को अपने घर मे भोजन भी करवाया। इसके बाद उस व्यक्ति ने दुर्गादेवी से कहा कि दिल्ली आफिस से दो बार आपको पत्र भेजा गया था पर वह पत्र लौटकर आ गए इसलिए उन्हें अब सूचना देने के लिए भेजा गया है।
सूचना के बारे में बताते हुए उस व्यक्ति ने दुर्गादेवी को बताया कि उनके नाम से रसोई गैस एजेंसी हो सकती है। आप अपने कागजात दे। इसके लिये उसने आधार कार्ड ,सहित अन्य कागजात फोटोकॉपी करवाने के लिए दुर्गादेवी के बेटे को साथ ले जाने का कहा । दुर्गादेवी नेअपने बेटे को अकेले नही भेजते हुए खुद भी साथ चलने के कहा। इस पर दुर्गादेवी ने अपने घर के ऊपर चल रहे निर्माण कार्य करने आये मजदूर की मोटरसायकल ली।
जिसे वह व्यक्ति खुद चलाते हुए दुर्गादेवी और उनके लड़के हर्ष को बिठाकर फोटोकॉपी की दुकान तक ले गया। जहां उसने दुर्गादेवी के बेटे से मोबाइल मांगा। मोबाइल निकालने के लिए हर्ष ने अपने पेंट की जेब मे हाथ डाला तो जेब मे रखे 18000 रुपये भी बाहर आ गए। यह रुपये सीमेंट वाले को देने के लिए थे। इस देखकर उस अज्ञात व्यक्ति ने हर्ष से मोबाइल भी लिया और कहा कि ये रुपये भी दे दो तुम कही गिरा दोगे। हर्ष ने 18000 रुपये भी उसको दे दिए। मां -बेटे दुकान पर खड़े रहे और वह व्यक्ति मोबाइल पर बात करते हुए मोटर सायकिल स्टार्ट कर रफूचक्कर हो गया। दुर्गादेवी ने अपने साथ हुई इस धोखाधडी की रिपोर्ट औद्योगिक पुलिस थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने उस अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज कर लिया है। शहीद की पत्नी दुर्गादेवी का कहना है की उनके पति सीआरपीएफ में थे। पति के शहीद होने के बाद हर एक दो माह में नीमच से सीआरपीएफ के अधिकारी घर आकर खेरियत ओर हाल चाल पूछते है। चुकि इस व्यक्ति ने दिल्ली आफिस से आना बताया था ,इसलिए इसने इस व्यक्ति के बारे मे पूछताछ नही की।
शहीद के परिवार के साथ नकली सीआरपीएफ जवान बनकर की धोखाधड़ी । घर पर रुका, खाना खाया और फिर 18 हजार रुपए नगद,मोबाइल एवं मोटरसाइकिल लेकर रफूचक्कर हो गया। पुलिस ने किया प्रकरण दर्ज।जाने क्या है पूरा मामला-
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