रतलाम, 16 जुलाई(खबरबाबा.काम)। न्यायालय भवन स्थानांतरण प्रस्ताव को लेकर आंदोलनरत अभिभाषक सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान प्रशासन के रवैये से खफा हो गए। उन्होंने साधारण सभा बुलाकर प्रशासन के विरोध में एक दिन कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। बाद में कलेक्टर रूचिका चौहान को पत्र भेजकर अभिभाषक संघ के आक्रोश से अवगत कराया। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भी पत्र लिखकर उनकी छवि धूमिल करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष संजय पंवार की अध्यक्षता में आयोजित साधारण सभा में अभिभाषकों को मुख्यमंत्री से मिलाने के संबंध में प्रशासन द्वारा अपनाए गए रवैये पर कड़ा रोष जाहिर किया गया। सभा में प्रशासन के रवैये के खिलाफ सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने और कार्य से विरत रहने की घोषणा कर इसकी जानकारी न्यायालय एव प्रशासन को देने का निर्णय लिया गया। अभिभाषक संघ द्वारा बाद में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान एवं कलेक्टर रूचिका चौहान को पत्र भेजे गए। कलेक्टर को बताया गया कि प्रशासन ने जानबूझकर अभिभाषकों के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री से नहीं मिलवाया। जबकि न्यायालय भवन स्थानांतरण को लेकर अभिभाषक संघ के 29 जून से आंदोलन की राह पर होने की जानकारी सभी को थी। संघ ने 15 और 16 जुलाई को मुख्यमंत्री के रतलाम प्रवास के दौरान प्रशासन से उनका समय दिलवाने का अनुरोध किया था। इसके लिए 12 जुलाई को ही पत्र क्रमांक 427 देकर पावती ली गई, लेकिन इसके बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इसी प्रकार मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया गया कि अभिभाषक अपनी समस्याओं से उन्हें अवगत कराना चाहते थे। इसके लिए प्रशासन को पत्र दिया था, लेकिन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के उद्देश्य से उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। प्रबुद्धजनों के कार्यक्रम में संघ अध्यक्ष और सचिव को बमुश्किल अपनी बात रखने का मौका मिला। इससे अभिभाषकों में असंतोष है। प्रशासन ने इससे पहले भी अभिभाषक संघ को विश्वास में लिए बिना न्यायालय भवन को स्थानांतरित करने का जो निर्णय लिया, वह मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की साजिश जान पड़ता है। संघ ने ऐसे कृत्य करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान संघ के सचिव दीपक जोशी,उपाध्यक्ष टीएन तिवारी, सहसचिव लोकेंद्र सिंह गेहलोत, कोषाध्यक्ष भंवरसिंह हाड़ा, पुस्तकालय सचिव तरूण शर्मा, कार्यकारिणी सदस्यगण, पूर्व अध्यक्ष प्रवीण भट्ट, वरिष्ठ अधिवक्ता, निर्मल कटारिया, सुभाष उपाध्याय, अमीन खान, शांतिलाल मालवीय, सुरेशचंद्र अग्रवाल, लालचंद उबी, बीएल त्रिपाठी, अशोक चौहान, सुनील पारिख, अभय शर्मा, अरूण त्रिपाठी आदि मौजूद थे।
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