रतलाम,26सितम्बर(खबरबाबा.काम)। रतलाम जिला अस्पताल में बुधवार को चूहों का पीएम किया गया। यह पढ़कर आपको कुछ अजीब जरूर लग रहा होगा लेकिन यह सच है। दरअसल रतलाम जिले के ग्राम बरखेड़ी में चूहों से होने वाली बीमारी स्क्रब टाइफस के संदिग्ध मरीज के सामने आने और उसकी मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और बीमारी फैलने की मुख्य वजह की पड़ताल में जुट गया है।

सिविल सर्जन डॉक्टर आनंद चंदेलकर ने बताया कि स्क्रब टायफस से संदिग्ध महिला मरीज की मौत के बाद भोपाल से कीट वैज्ञानिक डॉ शैलेंद्र कुमार सिंह रतलाम आए हैं ।यह बीमारी चूहों से फैलती है ।बीमारी फैलने की मुख्य वजह को पता करने के लिए कीट वैज्ञानिक ने संदिग्ध मरीज के घर और गांव से ट्रैप लगाकर चूहे पकड़े हैं। दल पिछले 2 दिन में आधा दर्जन चूहा पकड़कर रतलाम लाया हैं ।बुधवार को जिला अस्पताल में सिविल सर्जन आनंद चंदेलकर की मौजूदगी में भोपाल से आए कीट वैज्ञानिक शैलेंद्र सिंह एवं रतलाम में पदस्थ एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ प्रमोद ने चूहों का पीएम(चीर-फाड़) किया। चूहों की जांच कर इनका रक्त और अन्य अंग नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल नई दिल्ली को भेजा जाएगा ।जहां इनकी गहनता से जांच होगी ,ताकि पता चल सके कि बीमारी फैलने की मुख्य वजह क्या है।
बिमारी के लक्षण
चिकित्सकों के अनुसार स्क्रब टायफस बीमारी ओरियंट सुसुगामुशी नामक बैक्टीरिया से होती है। यह बीमारी संक्रमित धुन एवं चूहा आदि से होती है ।मनुष्य से मनुष्य में यह बीमारी नहीं फैलती है ।संक्रमित लार्वा के काटने के स्थान पर दाना उठता है। जो बाद में जख्म बंद कर सूखने पर काले धब्बे समान दिखने लगता है ।साथ ही बुखार सिर दर्द और मांसपेशियों में दर्द प्रकाश की असह्यता, सुखी खांसी भी इसके लक्षण है ।इस बीमारी का उपचार संभव है और सभी अस्पतालों में इसकी दवाई भी उपलब्ध है।
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