नई दिल्ली, 19मार्च। देश को पहला लोकपाल मिल गया है. सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस पिनाकी चंद्र घोष को देश का पहला लोकपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को लोकपाल की नियुक्ति को मंजूरी दी है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, प्रख्यात कानूनविद मुकुल रोहतगी की चयन समिति ने शुक्रवार को उनका नाम तय किया और इसके बाद उनकी फाइल को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था.
पीसी घोष सुप्रीम कोर्ट ने मई 2017 को रिटायर हुए थे, वे इस वक्त राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य हैं. पीसी घोष तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता की सहयोगी रही शशिकला को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहरा चुके हैं.
लोकपाल कमेटी के न्यायिक सदस्यों की लिस्ट में 5 नाम शामिल हैं. इनमें जस्टिस दिलीप भोसले, जस्टिस प्रदीप मोहंती, जस्टिस अभिलाषा कुमारी, जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी शामिल हैं. इसके अलावा गैर न्यायिक सदस्यों में दिनेश कुमार जैन, अर्चना रामासुंदरम, महेंद्र सिंह, इंद्रजीत प्रसाद गौतम का नाम शामिल है. अधिसूचना के मुताबिक प्रभार लेने के साथ ही इन सदस्यों की नियुक्ति प्रभावी मानी जाएगी.
कौन हैं पीसी घोष
पिनाकी चंद्र घोष का जन्म 28 मई 1952 को हुआ था और वह जस्टिस शंभू चंद्र घोष के बेटे हैं. वह सुप्रीम कोर्ट के जज रह चुके हैं और कई राज्य के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं. अभी पीसी घोष मानवाधिकार आयोग के सदस्य हैं. उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज से बीकॉम और कोलकाता यूनिवर्सिटी से LLB की पढ़ाई की है. घोष साल 1997 में कलकत्ता हाईकोर्ट के जज बने और उसके बाद दिसंबर 2012 में उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने. मई 2017 में घोष सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हुए थे और वह 2013 से 2017 तक सुप्रीम कोर्ट के जज रहे.
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