नई दिल्ली, 10अप्रैल। राफेल सौदे पर सर्वोच्च न्यायालय से बुधवार को केंद्र सरकार को झटका लगा है। अदालत राफेल मामले पर नए दस्तावेजों के आधार पर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करने के लिए तैयार हो गई है। न्यायालय ने केंद्र सरकार की उन प्राथमिक आपत्तियों को खारिज कर दिया है जिसमें उसने उन दस्तावेजों पर विशेषाधिकार का दावा किया था जो अदालत में याचिका पर सुनवाई करने के लिए पेश किए गए हैं।
न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने मामले की सुनवाई की। जिसमें मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एसके कौल और केएम जोसेफ शामिल थे। अदालत ने एक मत से कहा कि जो दस्तावेज सार्वजनिक हो गए हैं उसके आधार पर हम याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हैं। अदालत का कहना है कि जो कागज अदालत में रखे गए हैं वह मान्य है। सरकार ने इन दस्तावेजों पर अपना विशेषाधिकार जताते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता ने इन्हें अवैध तरीके से हासिल किया है।
अदालत ने कहा कि जहां तक राफेल फैसले पर समीक्षा याचिका की सुनवाई का सवाल है, इसपर बाद में विस्तृत सुनवाई की जाएगी। इसकी सुनवाई के लिए वह नई तारीख तय करेगा। राफेल मामले में अदालत को यह तय करना था कि इससे संबंधित रक्षा के जो दस्तावेज लीक हुए हैं, उस आधार पर पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की जा सकती है या नहीं। इससे पहले 14 दिसंबर को दिए अपने फैसले में अदालत ने सरकार को क्लीनचिट देते हुए फ्रांस से 36 विमान खरीदे जाने की प्रक्रिया की जांच अदालत की निगरानी में करने का आदेश देने से मना कर दिया था।
अदालत में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने वाले याचिकाकर्ता अरुण शौरी ने कहा, ‘हमारा तर्क यह था कि चूंकि दस्तावेज देश की सुरक्षा से संबंधित हैं इसलिए आपको उनकी जांच करनी चाहिए। आपने हमसे इसके सबूत मांगे थे, जिसे हमने आपको दे दिया। इसलिए अदालत ने हमारी याचिका को स्वीकार कर लिया और सरकार की दलीलों को खारिज कर दिया।’
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