रतलाम,23जुलाई। इंवेस्टर मीट और फोरेन इंवेस्टर्स को लुभाने के नाम पर करोड़ों खर्च करने के बावजूद प्रदेश में पिछले पांच सालों में एक भी विदेशी इंवेस्टर ने निवेश नहीं किया है। यह खुलासा मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सैलाना विधायक हर्षविजय गेहलोत द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में किया।
श्री गेहलोत ने पूछा कि पांच सालों में प्रदेश में किस किस विदेशी घराने ने कितना निवेश किया है। पांच सालों में निवेशित उद्योग के लिए कितनी भूमि ली गई है और वह किस दर से किसको प्रदान की गई है। जवाब में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बताया कि एमपी इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के क्षेत्रीय कार्यालयों में पांच सालों में एक भी विदेशी घराने ने निवेश नहीं किया है। जबकि 5 इकाइयों द्वारा 267.63 करोड़ रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी पूंजी निवेश किया गया है और 1 इकाई द्वारा 4 मिलियन का विदेशी पंूजंी निवेश क्रियान्वयन की अवस्था में है। उन्होने यह भी बताया कि विदेशी, देशी इंवेस्टर उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करने हेतु विभाग द्वारा इंवेस्टर समिट, रोड शो आयोजित किए जाते हैं।
ई -टेंडरिंग घोटाले पर नहीं मिला जवाब…
श्री गेहलोत ने विधानसभा में ई-टेडरिंग घोटाले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 80 हजार करोड़ से ज्यादा के इ-टेंडर घोटाले में किस किस विभागों में कौन कौने से टेंडर जांच प्रक्रिया में है। उनकी राशि, प्राप्त करने वाली फर्म का नाम, आदि क्या है। कौन सी तारीख को टेंडर प्रांरभ हुए। घोटाले को देखते हुए जांच की जा रही है। गिरफ्तार किए गए शासकीय या नीजि संस्थानों के अधिकारी, कौन कौने हैं। कौन से मंत्री तथा जल निगम के टेंडर में मुख्यमंत्री की भूमिका जांच में है या नहीं।
जवाब में सामान्य प्रशासन मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने उन्हें बताया कि फिलहाल मामला अनुसंधान में है। ऐेसे में चाही गई जानकारी गोपनीय है और अभी उसके संबंध में जवाब नहीं दिया जा सकता।
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