रतलाम 11 दिसंबर 2019/ प्रदेश में किसानों को यूरिया की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। किसानों को जितनी भी आवश्यकता है यूरिया सुनिश्चित रूप से उपलब्ध करवाएंगे। यह बात प्रदेश के किसान कल्याण कृषि विकास मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री सचिन यादव ने रतलाम तथा नामली में आयोजित कार्यक्रमों में संबोधित करते हुए कही। इस दौरान विधायक झाबुआ श्री कांतिलाल भूरिया, विधायक आलोट श्री मनोज चावला, विधायक सैलाना श्री हर्ष विजय गहलोत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री डी.पी धाकड़, श्री राजेश भरावा, श्री विनोद मिश्रा मामा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष श्रीमती यास्मीन शेरानी, श्री पारस सकलेचा, श्री रजनीकांत व्यास, श्री प्रमोद गुगलिया, श्री धीरूभाई पटेल, सुश्री कोमल धुर्वे, श्री जगदीश पाटीदार, श्री दिनेश शर्मा, श्री अभिषेक शर्मा, श्री कीर्तिशरण सिंह, श्री जोएब आरिफ, श्री राकेश झालानी, सुश्री अदिति दवेसर, श्री मुबारिक खान आदि उपस्थित थे।
प्रभारी मंत्री श्री सचिन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा किसानों को कर्ज के दलदल से बाहर निकाला जा रहा है। जय किसान फसल ऋण माफी योजना के तहत प्रथम चरण में 20 लाख किसानों के सात हजार करोड़ रुपए का कर्ज माफ किया गया है। राज्य शासन का प्रयास खेती की लागत में कमी लाने का है। इसके तहत बिजली के बिल आधे किए गए हैं। कृषि उपकरणों पर सब्सिडी को 50 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। राज्य शासन का प्रयास है कि मध्य प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जैविक प्रदेश के रूप में जाना जाए। रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल तथा पेस्टीसाइड के कारण किसान परिवारों में सदस्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। शासन का प्रयास जैविक खेती को अधिकाधिक रूप से फैलाने का है। इसी के साथ ही राज्य शासन की महत्वाकांक्षी गौशाला निर्माण योजना है, जिसमें प्रथम चरण में 1 हजार गौशालाएं प्रदेश में निर्मित की जा रही हैं। योजना के तहत आगामी समय में प्रत्येक पंचायत में गौशाला निर्माण किया जाएगा।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि यूरिया की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। सभी किसानों को यूरिया मिले इसके लिए राज्य शासन द्वारा कुशल प्रबंधन किया गया है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष अक्टूबर-नवंबर महीनों में 1.20 लाख मैट्रिक टन ज्यादा यूरिया उपलब्ध कराया गया है। वही यूरिया का चार लाख मैट्रिक टन का अग्रिम भंडारण भी किया गया। किसानों को चार लाख 35 हजार मेट्रिक टन यूरिया आगामी दिनों में उपलब्ध कराया जा रहा है। 1 से 10 दिसंबर तक दो लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराने के लक्ष्य को राज्य शासन द्वारा पूर्ण किया गया है। आगामी 10 दिनों में दो लाख मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। रतलाम जिले में 1 हजार 460 मेट्रिक टन यूरिया सहकारी संस्थाओं में उपलब्ध है। रेलवे की दो और रेक आ रही है जिसमें 1 हजार 200 मेट्रिक टन यूरिया रतलाम जिले को मिल रहा है। रतलाम जिले में नगद राशि पर किसानों को यूरिया उपलब्ध कराने के लिए 11 वितरण केंद्र खोले गए हैं। जरूरत के मुताबिक इनकी संख्या भी बढ़ाई जाएगी। किसान किसी भी बहकावे में नहीं आए, अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।
अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों के संबंध में किसानों को मुआवजा राशि का जिक्र करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि केंद्रीय शासन से 7200 करोड रुपए मांगे गए थे। परंतु मात्र 1 हजार करोड रुपए मिले हैं। लेकिन हम किसान को संकट से बाहर निकाल कर ही दम लेंगे। रतलाम जिले में अतिवृष्टि प्रभावित फसलों का किसानों को 72 करोड़ 80 लाख रुपए मुआवजा राशि उनके बैंक खातों में डाल दी गई है। अभी नुकसान का 25 प्रतिशत प्रदान किया गया है शेष राशि भी शीघ्र ही दी जाएगी। किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाने के लिए राज्य शासन द्वारा 509 करोड रुपए का प्रीमियम जमा कराया गया है। भावांतर के 1 हजार करोड रुपए केंद्र से प्राप्त होना है। प्रभारी मंत्री ने किसानों से कहा कि यदि उनसे कोई यूरिया का ज्यादा मूल्य लेता है तो उसकी शिकायत करें, तत्काल गड़बड़ी करने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान विधायक झाबुआ श्री कांतिलाल भूरिया ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों, ग्रामीणों से लेकर हर वर्ग के व्यक्ति की समस्या का समाधान राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। राज्य शासन इसके लिए कृत संकल्पित भी है। अपने अल्प कार्यकाल में अब तक राज्य शासन द्वारा उल्लेखनीय कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई है। विधायक श्री हर्ष विजय गहलोत, श्री मनोज चावला, श्री राजेश भरावा, श्री डी.पी धाकड, श्री धीरूभाई पटेल आदि ने भी संबोधित किया।
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