ज्योतिष,23जनवरी2020/ इस साल माघ अमावस्या के दिन यानी 24 जनवरी को शनि महाराज अपनी पहली राशि मकर में प्रवेश करेंगे। शनि के इस राशि परिवर्तन के साथ ही कई लोगों की ढैय्या और साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी तो कुछ लोग इसके प्रभाव में आ जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं है कि साढ़ेसाती उतरी और आपके बहुत अच्छे दिन शुरू हो गए। शनि महाराज को सभी ग्रहों में धीमी चाल से चलने वाला माना जाता है इसलिए इनका अच्छा और बुरा प्रभाव आने जाने में कुछ वक्त लगता है। ऐसे में 24 जनवरी 2020 की दोपहर 12 बजकर 4 मिनट पर जब शनि अपनी ही राशि मकर में जाएंगे तो कुछ लोग नाचेंगे, मुस्कुराएंगे और कुछ बेचैन नजर आ सकते हैं। तो चलिए सद्गुरु आनंदजी के माध्यम से जानते हैं कि सभी 12 राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।
मेषः
शनि के गृह परिवर्तन से मेष राशि के लोग खिलखिलाएंगे और चैन की बांसुरी बजाएंगे। ताम्रपाद का दसवां शनि नए रिश्तों के सहयोग से कामयाबी के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। कुल मिलाकर यह परिवर्तन मेष राशि के जातकों के लिए अच्छा रहेगा।
वृष:
शनि का मकर में प्रवेश वृष राशि के लिए नए रिकॉर्ड बनाएगा। वृष राशि के जातकों का सूरज चढ़ेगा। इस राशि के लोग प्रसन्नचित्त नजर आएंगे। ये लोग राहत की सांस लेंगे। स्वर्ण चरण का नौवां शनि थोड़ी आर्थिक उलझन के बाद लाभ प्रदान करेगा।
मिथुन:
शनि के इस गृह परिवर्तन से मिथुन राशि के लोग शनि की ढैय्या के असर में आएंगे। और कुछ परेशान नजर आ सकते हैं। रजत चरण का अष्टम शनि आर्थिक तनाव के साथ शारीरिक परेशानियों की पृष्ठभूमि तैयार कर सकता है। माता-पिता को कष्ट से तनाव बनने की आशंका है।
कर्क:
बात अगर कर्क राशिवालों की है तो इनके लिए शनि जब अपनी राशि में मुस्कुराएगा तो कभी मुंह चिढ़ाएगा लेकिन कुछ भी हो, जिंदगी में रोचकता बनी रहेगी। रजत पाए का सप्तम शनि रिश्तों में दरार लानेे का काम कर सकता है लेकिन साथ ही मान सम्मान को नए आकाश पर भी पहुंचाएगा।
सिंह:
मकर का शनि सिंह राशि के लोगों के हौसले को नई उड़ान देगा। रजत पाद का छठा शनि आनंददायक है। यह करियर को नया आकाश और मन में विश्वास देगा। इस दौरान जेब भारी रहेगी। जीवन में प्रसन्नता बनी रहेगी।
कन्या:
जब शनि अपनी ही राशि मकर में जाएंगे तो जोश में आएंगे और कन्या राशि के लोग शनि की ढैय्या से मुक्त हो जाएंगे। रजत पाद का पंचम शनि मिश्रित फल देता है। कोई अच्छी खबर दिल खुश कर जाएगी। शारीरिक परेशानियों से राहत मिलने की संभावना है।
तुला:
मकर के शनि में तुला राशि के लोग चैन और बेचैनी दोनों का लुत्फ उठाएंगे। रजत पाद का तीसरा शनि तुला राशि वालों के लिए समृद्धिकारक होगा, जो लाभ भी पहुंचाएगा और जीवनसाथी-परिजनों से विवाद का भी संकेत देता है।
वृश्चिक:
जब शनि अपनी ही राशि मकर में प्रवेश करेंगे, तो वृश्चिक राशि के लोगों पर इसका यह असर होगा कि ये लोग साढ़ेसाती से मुक्ति का जश्न मनाते नजर आएंगे। लौह पाद का तीसरा शनि करियर को नया आसमान और जीवन को नयी उड़ान देता है।
धनु:
तकरीबन पौने 5 वर्षों का कष्ट अब ढलान पर है। जब शनि अपनी ही राशि मकर में जाएंगे, तब इस राशि के लोग साढ़ेसाती के अंतिम चरण में प्रवेश करेंगे। स्वर्ण पाद का दूसरा शनि देश-विदेश की सैर कराने के साथ खर्च में बढ़ोतरी कराएगा।
मकर:
शनि के मकर में प्रवेश के कारण मकर राशि वालों को स्वर्ण पाद का प्रथम शनि शारीरिक कष्ट दे सकता है इसके अलावा मकर राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन शिक्षा और अनुभवों से भविष्य के सम्मान की पृष्ठभूमि बनाने वाला साबित हो सकता है।
कुंभ:
शनि के इस परिवर्तन से कुंभ राशि के लोगों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव पड़ सकता है। रजत पाद का द्वादश शनि आर्थिक रूप से कुछ कमी देता हुआ प्रतीत होता है लेकिन इस दौरान किए गए सत्कर्मों से आनन्द भी प्रदान करेगा।
मीन:
शनि के मकर में आने का मीन राशि पर कुछ ऐसा असर होगा कि इस राशि के जातक इस दौरान अपने जीवन को किसी उत्सव की तरह मनाते नजर आएंगे, जीवन के हर पल का आनंद लेते दिखेंगे। लौह पाद का एकादश शनि मीन राशिवालों को करियर में लाभ कराने के साथ देश-विदेश घुमाएगा।
(साभार-नवभारत टाइम्स)
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