नई दिल्ली, 22फरवरी2020/उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में भंडार मिलने से पूरे देश में उत्साह का माहौल है. रिपोर्ट में बताया गया है कि करीब तीन हजार टन से ज्यादा का भंडार सोनभद्र की मिट़्टी के नीचे दबा हुआ है. यही नहीं सोनभद्र के नीचे दबी सोने की चट्टान के आकार के बारे में आप जानेंगे तो आपके होश उड़ जाएंगे.
प्रशासन की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की जा चुकी है कि सोनभद्र के हरदी गांव के इलाके की दो पहाड़ियों में सोने, अयस्कों और यूरेनियम समेत कई धातुओं का बड़ा भंडार है. वहीं सोनभद्र के नीचे दबी सोने की चट्टान एक किलोमीटर से ज्यादा लंबी और 18 मीटर गहरी है. इस सोने की चट्टान 15.15 मीटर बताई जा रही है.
सोनभद्र के नीचे दबा सोना लगभग दो ट्रेनों के बराबर बताया जा रहा है. ये भी माना जा रहा है कि सोनभद्र का सोना मिलने से भारत के पास मौजूद सोने का भंडार कई गुना बढ़ा देगा. इसके साथ ही मौजूदा भंडार के मिलने से वो दुनिया में टाप थ्री में आ जाएगा.ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इस भंडार से देश की इकोनॉमी की दशा और दिशा बदल सकती है.
सोने के भंडार में इस वक्त अमेरिका पहले नंबर पर है. अमेरिका के पास 8,133.5 टन सोने का रिजर्व है. तो वहीं इस वक्त जर्मनी के पास 3,366 टन और तीसरे नंबर पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा फंड के पास 2,814 टन सोना बताया जा रहा है. इसके बाद इटली, फ्रांस, और रूस का नंबर आता है.
सोनभद्र में सोने की खोज होने के बाद से भारत पूरी दुनिया की नजर में आ गया है. सोनभद्र की पहाड़ियों के भीतर सोने का पता लगाने वाले डॉक्टर मिश्रा ने मीडिया के बताया कि जमीन के नीचे सोने का भंडार पास ही पास मौजूद है जो कि दो हिस्सों में बंटे हुए हैं.
कहा जाता है कि भारत में अंग्रेजों के शासनकाल में भी इस सोने के भंडार के बारे में पता करने की कोशिश की गई थी लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए थे. इस खजाने को खोजने के लिए भारत को 40 साल का लंबा वक्त लग गया.
जानकारी के मुताबिक कई लोगों का कहना है कि पहाड़ियों में अंग्रेजों के समय हुई सोने की खोज के चलते पहाड़ी का नाम ‘सोन पहाड़ी’ पड़ गया था. जंगलों में रहने वाले आदिवासियों का मानना है कि अंग्रेजों के समय से ही हम इसे ‘सोन पहाड़ी’ के नाम से जानते हैं.
आदिवासियों का कहना है कि हमें जरा भी अंदाजा नहीं था कि इन पहाड़ियों के नीचे इतना सोना दबा होगा.
कई सालों बाद सबसे पहले 2005 में सोने की खान पता लगाने की कोशिश की गई थी. उस वक्त भी शुरुआती जांच में धातु होने की संभावना जताई गई थी लेकिन धातु के प्रकार और मात्रा के बारे में अंदाजा नहीं लगा सके थे.
सोनभद्र के हरदी में जमीन के नीचे सोना होने की पुष्टि होने के बाद सरकार ने सोने को लेकर कवायद शुरू कर दी है. सरकार ने ई-टेंडरिंग के जरिए ब्लॉकों की नीलामी के लिए सात सदस्यीय टीम का गठन किया है और क्षेत्र की टैगिंग का कार्य किया जाएगा.
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई), जिला प्रशासन और खनिज विभाग सोनभद्र के इलाकों की जांच कर रही है. इसके साथ ही विद्युत, चुंबकीय और स्पेक्ट्रोमीटर उपकरणों का प्रयोग कर जांच की जा रही है.
बता दें ताजा रिपोर्ट में हरदी क्षेत्र में 646.15 किलोग्राम सोने का भंडार होने की पुष्टि हुई है. तो वहीं सोन पहाड़ी में 2943.25 टन सोने का भंडार होने की पुष्टि हुई है. सोने के अलावा यूरेनियम, दूसरे अयस्कों के भी भंडार होने की बात सामने आ रही है.
(साभार-आज तक)
स्वर्ण भंडार मिलने से उत्साह का माहौल, स्वर्ण चट्टानों का आकार जानकर उड़ जाएंगे होश, यह स्वर्ण भंडार मिलने के बाद दुनिया में टाप थ्री पर आ जाएगा भारत,ट्रेन से भी ज्यादा लंबी है सोने की चट्टाने,बदलेगी इकानामी की दिशा और दशा!
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