नई दिल्ली, 27मार्च2020/केंद्र सरकार ने देश के सभी सात सौ जिलों में कोरोना वायरस के संक्रमण पर कड़ी निगरानी रखने के अगले 15 दिनों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। जिला प्रशासन अब पूरी तरह से इस नए पैटर्न पर काम करेगा। इसमें डीएम से लेकर सीएमओ और दूसरे मेडिकल अधिकारियों तक, सभी की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी रोजाना शाम पांच बजे डीएम को रिर्पोट देंगे और डीएम छह बजे राज्य सरकार या केंद्र सरकार को उस रिपोर्ट से अवगत कराएंगे। कोरोना पर अगले दिन क्या करना है, रिपोर्ट में यह जिक्र भी रहेगा।
यह होगी डीएम की जिम्मेदारी
कोरोना वायरस के संक्रमण को आगे फैलने से रोकने के लिए क्या किया जाएगा, यह प्लान डीएम तैयार करेंगे।
.इंफ्लूएंजा जैसी और गंभीर तीक्ष्ण श्वसन लक्षण (सार्स जैसे) के सभी रोगियों की सूची बनेगी और उनकी जांच की जाएगी.
.कोरोना के लक्षणों वाले सभी संदिग्ध लोगों को क्वारंटीन सुविधा प्रदान की जाएगी.
.क्वारंटीन में रहने वालों के निकटवर्ती लोगों की निगरानी होगी। इसके लिए सर्वे किया जाएगा.
बहुत से संदिग्ध मरीजों की नियमित ट्रैकिंग की जाएगी. इसके लिए फील्ड टीम तैयार कर उसे जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात करेंगे हाई रिस्क वाले लोगों को एक विशेष जगह पर लाकर उनका सेंपल लिया जाएगा, यह जगह स्कूल आदि भी हो सकती है.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी से रोजाना शाम पांच बजे रिर्पोट लेकर उस पर अपने कमेंट देंगे छह बजे राज्य सरकार या केंद्र सरकार को उस रिपोर्ट के बारे में बताया जाएगा।
एडीएम को सौंपी गई ये जिम्मेदारी
कोरोना को लेकर जो तैयारी हो रही है, उस पर नजर रखना.
कहां पर कितनी एंबुलेंस, मास्क, दवाएं और टेस्ट का सामान पहुंचाना है, इसकी मॉनिटरिंग.
किसी जगह पर उक्त पदाथों की कितनी मात्रा या संख्या हो, ये तय करना .
ट्रांसपोर्ट बॉक्स की व्यवस्था, यह जिम्मेदारी भी एडीएम को सौंपी गई है .
मेडिकल अफसर के साथ प्रशासनिक सहायता को लेकर 24 घंटे समन्यव एवं सहयोग करेंगे .
ब्लॉक के चिकित्सा अधिकारियों के साथ समन्वय कर सभी जरूरी उपकरणों की सप्लाई सुनिश्चित करेंगे.
प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर
इन्हें फील्ड टीम का हिस्सा बनाया गया है.
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कर्मी गांवों में जाकर यह पता लगाएंगे कि यहां पर पिछले दिनों कोई व्यक्ति कहीं बाहर से तो नहीं आया हैक्या.
वह व्यक्ति किसी कोरोना वायरस के संक्रमण वाली जगह से आया है ऐसे सभी लोगों की सूची तैयार कर उसे आला अधिकारियों को सौंपेंगे.
चीफ मेडिकल अफसर
कोरोना की जांच के लिए रोजाना लिए जाने वाले तमाम सेंपल की जांच कराना.
खास रणनीति बनाकर कोरोना के संक्रमण की चेन को आगे बढ़ने से रोकना .
अगर कहीं कोई केस मिलता है तो उसे वहीं पर रोकने के लिए काम करना .
रोजाना शाम पांच बजे डीएम को रिपोर्ट देना
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर
ब्लॉक मेडिकल अफसर को फील्ड टीमों के लिए स्टाफ का इंतजाम करने की जिम्मेदरी दी गई है। इन टीमों में एक हेल्थकेयर और एक नगर निगम वर्कर को शामिल किया गया है। प्राइमरी हेल्थ केयर मेडिकल अफसर को फॉलोअप का जिम्मा भी दिया गया है।
सर्वे रिपोर्ट और सैंपल एकत्रित करने से लेकर वह काम जो किसी वजह से अधूरा रह गया है, वह इन्हीं मेडिकल अफसर को पूरा कराना होगा। इसके अलावा इंफ्लूएंजा जैसी बीमारी और सार्स जैसे गंभीर लक्षणों वाली बीमारी वाले प्रदेशों से जो लोग जिले में पहुंचे हैं, उनका पता लगाकर जांच करना।
(साभार-अमर उजाला)
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