भोपाल,12अप्रैल2020/कोरोना महामारी को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन है. ऐसे में जो जहां रह गया, वहीं फंस गया. यानी कि कई लोग जो अपने रिश्तेदारों आदि से मिलने पहले ही निकल गए थे अब वो लॉकडाउन की वजह से वहीं फंस कर रह गए हैं. मध्य प्रदेश के सीधी जिले में मझौली थाने में भी एक ऐसा ही मामला देखने को मिल रहा है. जहां पर एक सब-इंस्पेक्टर पिता छुट्टी के दौरान अपनी ट्रेनी डीएसपी बेटी से मिलने गए थे. लेकिन लॉकडाउन की वजह से वहीं फंस गए हैं और अपनी बेटी के अधीनस्थ ही पुलिस सेवा दे रहे हैं.
क्या है मामला?
बेटी शाबेरा अंसारी सीधी जिले के मझौली थाने में बतौर ट्रेनी डीएसपी काम कर रही हैं. वहीं उनके पिता अशरफ अली, इंदौर के लसूड़िया थाने में सब-इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत हैं. लेकिन जनता कर्फ्यू के दौरान अशरफ अली अपने गृह क्षेत्र बलिया (उत्तर प्रदेश) गए थे. लौटते हुए वो अपनी बेटी से मिलने सीधी जिला पहुंच गए. इसी दौरान लॉकडाउन की घोषणा हो गई. जिसके बाद पुलिस हेडक्वार्टर के आदेश पर और पुलिस अधीक्षक आरएस बेलवंशी के निर्देश पर अशरफ अली अंसारी अब मझौली थाने में ही अपनी सेवा दे रहे हैं.
कौन हैं अशरफ अली अंसारी
अशरफ अली वर्ष 1988 में कांस्टेबल पद पर चयनित हुए थे, प्रमोशन के बाद अब वह सब-इंस्पेक्टर पद पर इंदौर के लसूड़िया थाने में कार्य कर रहे हैं.
पुत्री शाबेरा अंसारी कैसे बनीं डीएसपी
शाबेरा अंसारी साल 2013 में सब इंस्पेक्टर बनीं. हालांकि बाद में उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी और 2016 में डीएसपी पद के लिए चुनी गईं. फिलहाल वो ट्रेनिंग पीरियड में हैं और सीधी जिला अंतर्गत मझौली थाने में बतौर थाना इंचार्ज काम कर रही हैं.
(साभार-आज तक)
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