रतलाम,12मई(खबरबाबा.काम)। कोरोना महामारी के इस दौर में भी जिला अस्पताल के चिकित्सक पूरी निष्ठा एवं जज्बे के साथ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। रतलाम जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने इस महामारी के दौर में दुर्घटना के कारण 15 वर्षीय बालिका के क्षतिग्रस्त हाथ की जटिल सर्जरी कर उसके अंग को भंग होने से बचा लिया है।
कोरोना महामारी के दौर में जावरा तहसील के ग्राम अरनियापीठा निवासी एक 15 वर्षीय बालिका 1 मई की शाम को खेत से अपने परिजनों के साथ ट्रेक्टर ट्राली में बैठकर घर जा रही थी ,इस दौरान दुर्घटना में ट्राली पलटी खा गई और उसमें सवार बालिका का सीधा हाथ दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर लटक गया था। घायल बालिका को पहले जावरा अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने हाथ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे रतलाम रैफर कर दिया। रतलाम जिला चिकित्सालय के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कृपाल सिंह राठौर एवं डॉ. दिनेश भूरिया ने बालिका का परीक्षण कर उसे तुरंत ऑपरेशन थियेटर में लिया और हाथ की सर्जरी कर हाथ को कटने से बचा लिया। यह जटिल सर्जरी करीब दो घण्टे तक चली। बालिका को बेहोश निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. महेश मौर्य ने किया। बालिका को 12 दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और उसके हाथ की उंगलियों में हलचल शुरू हो गई है। सर्जरी करने वाले डॉ. दिनेश भूरिया ने बताया कि, एक्सीडेंट में बालिका के राइट हेंड की ब्रेकल आर्टरी कट गई थी, वही हाथ की हड्डियां भी दो जगह से टूट थी। सर्जरी कर आर्टरी और टूटी हुई हड्डियों को जोड़ा। सर्जरी के 10-12 दिन बाद मरीज के हाथ की उंगलियों ने काम करना प्रारंभ कर दिया है। प्रायः इस तरह की चोट में उस अंग को काटना पड़ता है, लेकिन हमारी टीम ने इस जटिल सर्जरी को सफलता पूर्वक कर बालिका के हाथ को कटने से बचा लिया।
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